विदेशमंत्री ने पश्चिमी युवाओं के नाम वरिष्ठ नेता का संदेश संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून को पहुंचा दिया है।
तसनीम समाचार एजेन्सी के अनुसार, मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने बान की मून के नाम एक पत्र लिखकर हालिया आतंकी घटनाओं के बाद बढ़ती हुई इस्लामोफ़ोबिया की घटनाओं की ओर महासचिव के ध्यान को आकृष्ट कराया।
विदेशमंत्री ने अपने इस पत्र में लिखा कि एक आतंकी गुट की ओर से लोगों के जनसंहार का औचित्य पेश नहीं किया जा सकता। यह गुट हमारे क्षेत्र में एक हत्यारे के रूप में प्रकट हुआ है। विदेशमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि वर्तमान समय में पश्चिम विशेषकर यूरोप को पहले से अधिक हिंसक कार्यवाहियों की ज़बानी और व्यवहारिक निंदा करने के बजाए अपने भीतर इसके कारकों का पता लगायें कि क्योंकि यूरोप में चरमपंथी विचारधारा रखने वाले युवाओं में वृद्धि हो रही है। यूरोप इस बात के कारकों का पता लगाये के हमारी दूसरी पीढ़ी के युवा क्यों सीरिया और इराक़ जाकर आईएसआईएल की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं।
मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने यूरोप की दूसरी पीढ़ी के आतंकवाद की ओर रुझहान पर ईरान की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हालिया समीक्षाओं से पता चलता है कि यूरोप और अमरीका में आतंकवाद के बढ़ते हुए रुझान का कारण इस समाज में युवाओं में पायी जाने वाली हताशा, वंचितता और निराशा है।
विदेशमंत्री ने पश्चिमी युवाओं के नाम वरिष्ठ नेता के संदेश की ओर संकेत करते हुए कहा कि अंत में मैं वरिष्ठ नेता के संदेश को अपने इस पत्र के साथ जोड़ रहा हूं क्योंकि वरिष्ठ नेता ने यूरोपीय युवाओं के नाम संदेश में यूरोपीय युवाओं से बहुत ही महत्त्वपूर्ण बातें की हैं।
10 फ़रवरी 2015 - 07:26
समाचार कोड: 670256
विदेशमंत्री ने पश्चिमी युवाओं के नाम वरिष्ठ नेता का संदेश संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून को पहुंचा दिया है।